Kabutar ja sajan re desh song lyrics । Veena Music

 

Kabutar ja sajan re desh song lyrics


Kabutar ja sajan re desh song lyrics








कबूतर जा.... कबूतर जा.... 

कबूतर जा साजन रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे
कबूतर जा साजन रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे
फाग़ण आयो बाने कहिज़ो घर आवे रे
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे


कबूतर जा.... कबूतर जा....

कबूतर जा गोरी रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे
कबूतर जा गोरी रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे
जाके कहिज़ो थांकी याद म्हाने आवे रे
उड़जा उड़जा रे बेगो उड़जा रे


रात रसीली फागणये री चटक चाँदनी बरसे रे
रात रसीली फागणये री चटक चाँदनी बरसे रे
ओळुड़ी सतावे ढोला गजबण थारी तरसे रे
थारी सोने चांच मढास्यू कागद लेजा रे
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे


कबूतर जा.... कबूतर जा....
कबूतर जा साजन रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे


जद भी देखु चाँद मैं थारो मुखड़ो सामी आवे जी
जद भी देखु चाँद मैं थारो मुखड़ो सामी आवे जी
चटक चाँदनी बरसे म्हाने रात अंधेरी लागे जी
परदेशी री बेबसी गोरी जाण ना पावे रे
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे


कबूतर जा.... कबूतर जा....
कबूतर जा गोरी रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे


संग री सहेलियां सारी फाग़णियो मनावे रे
कर सोळा सिणगार पिया संग रंगरलिया मनावे रे
जौऊ थारी बाटणडली तो बाने कहिज़ो रे
उड़जा उड़जा रे बेगो उड़जा रे


कबूतर जा साजन रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे
कबूतर जा साजन रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे


जाके कहिज़ो थांकी याद म्हाने आवे रे
उड़जा उड़जा रे बेगो उड़जा रे

कबूतर जा गोरी रे देश म्हारो लेजा तू संदेश
उड़ जा उड़ जा रे बेगो उड़ जा रे


इस गीत के बारे में....


यह एक राजस्थानी परंपरागत लोकगीत जिसको दीपाली साठे और अली गनी ने गाया है । इस गीत को म्यूजिक अली गनी ने दिया।

इस गीत में बताया गया है कि जब पुराने जमाने में संचार के साधन नहीं थे तो अपने संदेश एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए पक्षियों का सहारा लिया जाता था और उन में एक अहम पक्षी था कबूतर । गीत में गोरी और साजन कबूतर से अपने अपने विचारों को एक दूसरे तक पहुंचाने की दरख्वास्त करते हैं।


About this song ....


It is a Rajasthani traditional folk song sung by Deepali Sathe and Ali Gani. The song was composed by Ali Gani.

This song states that when there were no means of communication in the old days, birds used to take their message from one place to another and one of the important birds was pigeon. In the song, Gori and Sajan plead with the pigeon to convey their thoughts to each other.


Casting team.....


Song -  Kabutar ja sajan re desh

Album - Kabutar ja sajan re desh

Singer- Deepali sathe, Ali gani

Music - Ali gani

Lyrics - Sudhakar Sharma

Producer - KC Maloo




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