Banni tharo chand sariso mukhdo lyrics/ kapil jangir, komal kanwar

 Banni tharo chand sariso mukhdo lyrics



मिस्री सु मीठी बाता थारी मन है प्रेम को झरनों सा ।

कांच भी थांसू शर्मा जाव एसो रूप सजिलो सा ।।


बन्नी थारो चांद सरीसो मुखड़ों कोई नजर नहीं लगजाय ।

थोड़ा हल्लवा हल्लवा चालो कोई मोच नहीं पड़ जाय ।।

बन्नी थारो चांद सरीसो मुखड़ों कोई नजर नहीं लगजाय ।

थोड़ा हल्लवा हल्लवा चालो कोई मोच नहीं पड़ जाय ।।


केसर की थे क्यारी लागो रंग भरी थे थाली सा ।

खूब चाव सु निरखा थाने चाल थारी मतवाली सा ।।

बन्नी थारा केश है कामन्न गारा 
ओ बन्नी थारा केश है कामन्न गाराम ।
म्हारो तो मन उलझाए
बन्नी थारी आंख्या है मतवाली 
ओ बन्नी थारी आंख्या है मतवाली ।।
म्हारो तो मन बहकाय

बन्नी थारो चांद सरीसो मुखड़ों कोई नजर नहीं लगजाय ।

थोड़ा हल्लवा हल्लवा चालो कोई मोच नहीं पड़ जाय ।।


मिस्री सु मीठी बाता थारी मन है प्रेम को झरनों सा ।

कांच भी थांसू शर्मा जाव एसो रूप सजिलो सा ।।


बन्नी थारी जद पायलड़ी बाजे 

ओ बन्नी थारी जद पायलड़ी बाजे ।

म्हारो तो मन हरसाय

बनी थारो रूप लागे लाखीनों 

ओ बनी थारो रूप लागे लाखीनों ।।

थाने देख बन्ना मुस्काए


बन्नी थारो चांद सरीसो मुखड़ों कोई नजर नहीं लगजा ।

थोड़ा हल्लवा हल्लवा चालो कोई मोच नहीं पड़ जाय ।


सॉन्ग के बारे में......


Singer - kapil jangir & Komal Kanwar

Music -  Kapil Jangir

Lyrics - Dhanraj Dhadich

Producer -Kapil Studio Jaipur

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